badmashi shayari - An Overview

उन्हें अब भी हमारी औकात का अंदाज़ा नहीं है।शेर पिंजरे में बंद हो तो जोकर कहलाता है,हम वहाँ ठहरते हैं जहाँ लोगों की सोच भी नहीं जाती।Badmashi

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